अवध ओझा: शिक्षा विशेषज्ञ से राजनीति में कदम रखने वाला नया आम आदमी पार्टी नेता दिस॰, 2 2024

अवध ओझा: एक संक्षिप्त परिचय

अवध ओझा, जिन्हें आमतौर पर 'ओझा सर' के नाम से जाना जाता है, भारतीय शिक्षा और कोचिंग के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनका जन्म 3 जुलाई, 1984 को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में हुआ। एक मध्यम-वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले अवध के पिता श्रीमाता प्रसाद ओझा पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अवध की शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण आर्थिक बलिदान दिए। इस पृष्ठभूमि से स्त्रोत हो, अवध ओझा ने शिक्षा के महत्व को गहराई से समझा और इसे अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य बना लिया।

शिक्षा और करियर की दिशा

उत्तर प्रदेश सेवा आयोग की परीक्षाओं में प्रयत्न करने के बाद, जब अवध मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सके, तब उन्होंने अपना ध्यान कोचिंग के क्षेत्र में केंद्रित किया। 2005 में उन्होंने अपने शिक्षण कार्य की शुरुआत की और कई प्रतिष्ठित आईएएस कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया। जैसे कि चाणक्य आईएएस अकेडमी, अनएकेडमी, और बार्थाकुर आईएएस एकेडमी। कोविड-19 महामारी के दौरान, जब ऑफलाइन कक्षाएँ बाधित हो गई, तो उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से छात्रों तक पहुँचने का एक नया मार्ग अपनाया। उनका चैनल लाखों सब्सक्राइबरों के साथ बेहद लोकप्रिय हुआ, जहाँ वे ऐतिहासिक घटनाओं, भूराजनैतिक प्रवृत्तियों और समसामयिकी घटनाओं का रोचक विश्लेषण करते हैं।

आईक्यूआरए आईएएस अकेडमी की स्थापना

2019 में, उन्होंने पुणे, महाराष्ट्र में आईक्यूआरए आईएएस अकेडमी की स्थापना की ताकि सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। इसकी फीस ₹3,600 से ₹23,000 तक होती है। यह पहल शिक्षा में उनके समर्पण को दर्शाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी उत्कृष्ट शिक्षा दिलाने का प्रयास है।

राजनीति में एक नई शुरुआत

2 दिसंबर, 2024 को उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) ज्वाइन की, जिसका नेतृत्व अरविंद केजरीवाल और अन्य वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया कर रहे हैं। AAP में उनका शामिल होना शिक्षा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता के साथ उनके निजी उद्देश्यों की पूर्ति करता है। ओझा ने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा जताई है, जिसे वे परिवारों, समाजों और राष्ट्रों की आत्मा मानते हैं।

AAP के साथ नया अध्याय

अवध ओझा का AAP में शामिल होना 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें पार्टी लगातार तीसरी बार विजय की ओर आस लगाए खड़ी है। ओझा की इस भूमिका से पार्टी को लाभ होगा क्यूंकि उनकी लोकप्रियता और शिक्षा जगत में उनकी यशस्वी छवि पार्टी के लिए एक बड़ी ताकत साबित हो सकती है।

अवध ओझा को युवाओं में एक परिवर्तन लाने के लिए जाना जाता है, जो समाज में सुधार और नवीनीकरण के लिए प्रेरित होते हैं। उनकी प्रेरणादायक कहानियाँ और शिक्षण शैली उन्हें एक अद्वितीय व्यक्तित्व बनाती है, जिन्होंने शिक्षण को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

शिक्षा और नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता

शिक्षा से लेकर राजनीति तक अवध ओझा ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपकी नीयत साफ और दिशा सही है तो आपकी मेहनत का फल जरूर मिलता है। AAP के साथ उनका यह नया सफर भारतीय राजनीति में एक नई परिभाषा लिखने की क्षमता रखता है। एक शिक्षक के रूप में, उन्होंने समाज को शिक्षित करने का संकल्प उठाया, और अब एक राजनेता के रूप में, वह इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के कार्य में जुट चुके हैं।

14 टिप्पणि

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    Urvashi Dutta

    दिसंबर 3, 2024 AT 23:26

    ओझा सर की कहानी सुनकर लगता है जैसे कोई असली जिंदगी का उदाहरण हो गया है। मैंने भी उनके यूट्यूब वीडियो देखे हैं, असली बातें बिना किसी झूठ के। जब तक शिक्षा के लिए इतना समर्पित इंसान होता है, तब तक राजनीति में आना भी स्वाभाविक है। मैं तो उनके जैसे लोगों को बहुत कम देखती हूँ जो अपनी जानकारी बाँटते हैं, बिना पैसे के लिए भूखे रहे। अब तो वो अपने अकादमी में ₹3600 में पढ़ाते हैं, जबकि दूसरे ₹2 लाख लेते हैं। ये तो बस एक बुद्धि का अंतर है। राजनीति में आकर भी वो वही रहेंगे, मैं विश्वास करती हूँ।

    मैं उत्तर प्रदेश की लड़की हूँ, जिसने भी उनके वीडियो देखे हैं, वो उसकी जिंदगी बदल गई। आज वो आईएएस की तैयारी कर रही है। ओझा सर ने सिर्फ ज्ञान नहीं, आत्मविश्वास भी दिया। ये बात सुनकर आँखें भर आती हैं।

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    Rahul Alandkar

    दिसंबर 5, 2024 AT 22:15

    मुझे लगता है कि ये बहुत अच्छा कदम है। एक शिक्षक जो अपने छात्रों के लिए जीता है, वो राजनीति में आएगा तो बेशक सुधार लाएगा। मैंने उनके कोचिंग के बारे में सुना था, लेकिन नहीं जानता था कि वो इतने गहरे असर के साथ आए हैं। शिक्षा के लिए जो लोग प्रयास करते हैं, उन्हें सम्मान देना चाहिए।

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    Jai Ram

    दिसंबर 7, 2024 AT 13:28

    वाह बहुत अच्छा! 😊 ओझा सर के बारे में जानकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने उनके यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर लिया है। उनकी शिक्षण शैली असली जीवन से जुड़ी हुई है, बस बुक्स की बातें नहीं। जब आईक्यूआरए अकादमी की बात आई तो मुझे याद आया कि मेरा भाई भी उसी अकादमी में पढ़ रहा है। फीस बहुत कम है, लेकिन क्वालिटी बहुत ज्यादा। अब अगर वो AAP में आए हैं, तो दिल्ली की शिक्षा नीति में बहुत बदलाव आएगा। उम्मीद है वो सिर्फ नारे नहीं, वास्तविक योजनाएं बनाएंगे।

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    Vishal Kalawatia

    दिसंबर 7, 2024 AT 15:04

    अरे भाई, ये सब बकवास है। एक शिक्षक राजनीति में आ गया? ये तो सब नए नए लोग ऐसे ही आते हैं न, एक बार नाम बना लेते हैं, फिर चले जाते हैं। AAP के पास पैसा है, उन्हें बनाना है नया चेहरा। इनके पास क्या है? कुछ नहीं। बस यूट्यूब पर बातें करना आता है। जब तक ये असली काम नहीं करते, तब तक मैं इनका भरोसा नहीं करूंगा। शिक्षा का नाम लेकर लोगों को भ्रमित करना बंद करो।

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    Kirandeep Bhullar

    दिसंबर 7, 2024 AT 22:57

    क्या ये सच में एक शिक्षक है या फिर एक बहुत ही अच्छा अभिनेता? जब तक तुम एक निजी अकादमी चला रहे हो, तब तक तुम शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा के लिए काम कर रहे हो। और फिर अचानक AAP में आ गए? क्या ये सब एक ब्रांडिंग स्ट्रैटेजी है? जब तुम लाखों सब्सक्राइबर्स के साथ यूट्यूब पर हो, तो राजनीति तो अगला लेवल है। लेकिन क्या तुम वास्तव में समझते हो कि शिक्षा का असली मतलब क्या है? या तो बस एक ट्रेंड है जिसे तुम पकड़ रहे हो?

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    DIVYA JAGADISH

    दिसंबर 8, 2024 AT 08:40

    बहुत अच्छा कदम। शिक्षा को राजनीति में लाना जरूरी है।

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    Amal Kiran

    दिसंबर 8, 2024 AT 15:27

    ये सब बकवास है। कोचिंग का बिजनेस बढ़ाने के लिए राजनीति में आए हैं। अपनी फीस घटाकर लोगों को फंसाया, अब लोकप्रियता बढ़ाने के लिए AAP ज्वाइन किया। ये सब नए लोग ऐसे ही आते हैं। बस नाम बनाओ, फिर चले जाओ। शिक्षा नहीं, प्रोमोशन है ये।

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    abhinav anand

    दिसंबर 10, 2024 AT 07:53

    मुझे लगता है कि ये एक अच्छा मौका है। जब एक ऐसा व्यक्ति जो शिक्षा के लिए लाखों छात्रों को प्रेरित कर रहा है, वो राजनीति में आता है, तो ये बहुत बड़ी बात है। शायद अब हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो असली बातें बोलें। मैं उनके बारे में ज्यादा जानना चाहूंगा।

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    Rinku Kumar

    दिसंबर 10, 2024 AT 15:55

    अरे भाई, ये तो बहुत बड़ी बात है! एक शिक्षक राजनीति में आ गए? वाह! अब तो हमें वाकई उम्मीद है कि शिक्षा का बजट बढ़ेगा, क्लासरूम्स में एयरकंडीशनर लगेंगे, और गाँवों में भी अच्छे टीचर्स मिलेंगे। आप जैसे लोगों को आना चाहिए, न कि वो जो बस नारे लगाते हैं। आपकी नीयत देखकर लगता है कि आप असली बदलाव लाना चाहते हैं। बधाई हो, और जल्दी से अपना मैनिफेस्टो जारी कर दीजिए!

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    Nikita Patel

    दिसंबर 10, 2024 AT 16:03

    मैं भी एक शिक्षक हूँ, और ओझा सर की बातों से बहुत प्रभावित हुआ। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड के अपना रास्ता बनाया। ये बहुत बड़ी बात है। मेरे छात्र भी उनके वीडियो देखते हैं। अगर वो AAP में आए हैं, तो ये उनकी शिक्षा की नीति को बदलने का एक तरीका है। मैं उनके साथ हूँ। राजनीति में भी ऐसे लोगों की जरूरत है।

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    abhishek arora

    दिसंबर 12, 2024 AT 02:17

    ये सब बहुत बढ़िया है... लेकिन AAP क्या है? वो तो दिल्ली के लिए हैं, और ये बस एक यूट्यूबर है। अगर वो वास्तव में देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो BJP ज्वाइन करना चाहिए! ये AAP तो सिर्फ दिल्ली के लिए है। बाकी भारत के लिए कुछ नहीं। आपकी शिक्षा की नीति तो अच्छी है, लेकिन आपकी पार्टी गलत है। अपना नाम बचाइए। 🇮🇳

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    Kamal Kaur

    दिसंबर 13, 2024 AT 19:22

    ओझा सर की कहानी देखकर बहुत अच्छा लगा 😊 मैं भी एक गाँव का लड़का हूँ, जिसने उनके वीडियो से बहुत कुछ सीखा। मेरा भाई भी उनकी अकादमी में पढ़ रहा है। अब जब वो राजनीति में आ रहे हैं, तो उम्मीद है कि गाँवों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिलेगी। बस वो अपनी शिक्षा की नीति बरकरार रखें। आपका दिल बहुत अच्छा है। ❤️

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    Ajay Rock

    दिसंबर 13, 2024 AT 22:14

    अरे यार, ये तो बहुत ड्रामा है! एक शिक्षक राजनीति में आ गया? अब तो उनका एक नया वीडियो आएगा: 'मैं अब एमएलए हूँ, और ये है मेरी नई योजना!' 😂 लेकिन असल में जो लोग इतने बड़े बदलाव लाना चाहते हैं, वो तो बिना शोर के काम करते हैं। ये सब बस लोकप्रियता के लिए है। लेकिन अगर वो वाकई कुछ कर भी पाएं, तो बधाई हो।

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    Lakshmi Rajeswari

    दिसंबर 15, 2024 AT 17:46

    ये सब एक बड़ा षड्यंत्र है! जानते हो AAP क्यों उन्हें चुन रहे हैं? क्योंकि वो यूट्यूब पर लाखों लोगों को ब्रेनवॉश कर रहे हैं! शिक्षा के नाम पर बच्चों को राजनीतिक विचारों से भर रहे हैं! और अब वो राजनीति में आ गए! ये तो साफ है कि ये सब एक गुप्त आंदोलन है! अगर तुम अपने बच्चों को बचाना चाहते हो, तो उनके वीडियो बंद कर दो! वो तुम्हारे बच्चों की आत्मा चुरा रहे हैं! जागो भारत! 🚨💣

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