जून, 10 2024
जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी, आतंकवादी हमले की आशंका
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के तेरयाथ गांव में रविवार को एक बड़े हादसे ने सभी को हिला कर रख दिया। एक बस, जिसमें शिव खोरी मंदिर के दर्शन करने जा रहे तीर्थयात्री सवार थे, गहरी खाई में गिर गई। हादसे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक सूत्रों के मुताबिक, बस पर आतंकवादियों द्वारा गोलाबारी की गई थी।
घटना के समय बस पोनी क्षेत्र से गुजर रही थी और तीर्थयात्रियों को ले जा रही थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकवादियों ने अचानक बस पर हमला कर दिया और गोलाबारी करने लगे, जिससे ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और बस खाई में जा गिरी। हालांकि, इस हादसे में कितने यात्रियों की जान चली गई और कितने घायल हुए, इसका अभी तक सटीक आंकड़ा प्राप्त नहीं हुआ है।
प्राकृतिक और मानव निर्मित कारण
यह क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां पर सड़कें संकरी और खतरनाक हैं। किसी दुर्घटना की स्थिति में बचाव कार्य भी काफी मुश्किल हो जाता है। इस हादसे के बाद तुरंत आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया और जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायल यात्रियों को पास के अस्पतालों में भर्ती किया गया है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर आतंकवादियों की क्रूरता को सामने लाया है। इस प्रकार की घटनाएं आम जनता में आतंक फैलाने और डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से की जाती हैं। यात्रियों और उनके परिवारों को इस भयावह घटना का सामना करना पड़ा है और उनकी सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है।
पहचान और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। प्रशासन का कहना है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। शुरुआती जांच के अनुसार, बस पर गोलाबारी के सबूत मिले हैं और पुलिस ने मामले में आतंकवादियों के शामिल होने की संभावना जताई है।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्तों को भी बुलाया गया है ताकि आसपास के क्षेत्रों की जांच की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादियों ने यह साजिश बड़े हमले की योजना के तहत रची है।
परिवारों का दर्द और प्रशासन की प्रतिक्रिया
यह हादसा तीर्थयात्रियों के परिवारों के लिए एक बड़ा सदमा है। जो लोग अपने परिवार के सदस्यों के दर्शन के लिए भेजे थे, उन्हें आज उनकी कुशलक्षेम की चिंता सता रही है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों के परिवारों को आर्थिक सहायता और मेडिकल सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। उन्होंने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था को और चौकस करने के निर्देश भी दिए हैं।
सुरक्षा और भविष्य की योजना
सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, विभिन्न सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जम्मू-कश्मीर हमेशा से ही एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है, जहां आतंकवादी गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। सरकार और सुरक्षा बल इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं उन प्रयासों की गंभीरता को और बढ़ा देती हैं।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर से हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती से लागू किया जा सकता है। इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी सहानुभूति है और हम उनके दुख को साझा करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन जल्द ही इस घटना के दोषियों को पकड़कर सख्त सजा देगा।
Vishal Kalawatia
जून 11, 2024 AT 15:48जम्मू-कश्मीर में हर दुर्घटना को आतंकवाद बना देते हो। क्या यही तुम्हारी राष्ट्रीयता है?
Kirandeep Bhullar
जून 13, 2024 AT 00:02जब तक हम अपने आप को शिव खोरी के दर्शन के लिए नहीं बदलेंगे, तब तक ये घटनाएं दोहराई जाएंगी। तीर्थयात्रा एक अंतर्निहित आत्मा की यात्रा है, लेकिन हम उसे एक बस के अंदर बंद कर देते हैं।
आतंकवाद तो बाहर से आता है, लेकिन डर हमारे अंदर से उगता है। जब तक हम अपने अंदर के डर को नहीं समझेंगे, तब तक हम बाहर के आतंकवादी को नहीं रोक पाएंगे।
ये बस गिरी नहीं, ये हमारी निर्ममता के सामने झुक गई।
DIVYA JAGADISH
जून 14, 2024 AT 00:51प्रशासन को अब सुरक्षा के लिए और अधिक कदम उठाने चाहिए।
Amal Kiran
जून 15, 2024 AT 20:39abhinav anand
जून 16, 2024 AT 16:18हमें अपने आप को इस बात से दूर रखना चाहिए कि कौन दोषी है। बल्कि हमें ये सोचना चाहिए कि अगली बार ऐसा न हो।
Rinku Kumar
जून 16, 2024 AT 22:37क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप अपने आप को शिव खोरी के लिए जा रहे होते हैं, तो आप अपने आप को भगवान के दर्शन के लिए नहीं, बल्कि एक टूरिस्ट के रूप में जा रहे होते हैं? और फिर आप आतंकवाद के शिकार बन जाते हैं?
सरकार ने जो सुरक्षा व्यवस्था की है, वो बहुत अच्छी है। बस अब बस चालकों को ट्रेनिंग दें। और आप लोगों को अपनी निर्लज्जता छुपाने की जगह, अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
ये आतंकवाद नहीं है। ये आपकी अनदेखी है।