ताटा कैपिटल IPO अंतिम दिन 48% सब्सक्रिप्शन, 13 अक्टूबर से लिस्टिंग अक्तू॰, 8 2025

जब ताटा कैपिटल लिमिटेड ने अपने IPO की अंतिम बिडिंग विंडो की घड़ी चलाते हुए, निवेशकों ने सिर्फ दो दिन में कुल 48% सब्सक्रिप्शन दर्ज किया, तो यही सवाल उठता है – क्या लिस्टिंग पर शेयरों में प्रीमियम मिलेगा? यही प्रश्न आज दोपहर 5 बजे IST पर बंद होने वाली बिडिंग को देखते हुए सभी के दिमाग में चल रहा है।

बाजार में IPO की स्थिति

IPO का बिडिंग काल 6 अक्टूबर, 2025 को सुबह 9 बजे खुला और 8 अक्टूबर, 2025 को शाम 5 बजे IST को बंद होगा। भारत टुडे के अनुसार, दूसरे दिन (7 अक्टूबर) के 11:23 AM IST तक कुल सब्सक्रिप्शन 48% रहा, जहाँ पहले दिन (6 अक्टूबर) की दोपहर 1:40 PM IST पर यह आंकड़ा मात्र 25% था। यह लगातार बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाती है कि निवेशकों की रुचि धीरे‑धीरे पक्की हो रही है, भले ही अंतिम बिडिंग के करीब है।

सब्सक्राइबर्स के वर्गीकरण

सब्सक्रिप्शन को वर्ग‑वार तोड़ें तो प्राप्त डेटा रोचक है:

  • Qualified Institutional Buyers (QIB) – 52% सब्सक्राइब्ड, यानी संस्थागत निवेशकों ने अपने कोटा का आधे से अधिक भर दिया।
  • Retail Individual Investors (RII) – 49% सब्सक्राइब्ड, जिससे मध्यम वर्ग के निवेशकों का भरोसा स्पष्ट दिखता है।
  • Non‑Institutional Investors (NII) – 41% सब्सक्राइब्ड, जो छोटे व्यापारिक समूहों और प्राइवेट इक्विटी फंडों को दर्शाता है।
  • Employee Portion – 147% ओवरसब्सक्राइब्ड, यानी कंपनी के अंदरूनी लोगों ने भी इस ऑफर को बड़े उत्साह से लिया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि टैटा समूह के वित्तीय सेवाओं में भरोसा व्यापक वर्गों तक फैला हुआ है।

प्राइस बैंड और ग्रे मार्केट प्रीमियम

IPO का प्राइस बैंड ₹310 से ₹326 प्रति शेयर निर्धारित किया गया, जहाँ फेस वैल्यू ₹10 है। न्यूनतम रिटेल निवेश ₹14,996 (46 शेयर की लॉट) है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) आज तक स्थिर ₹12.5 पर है, जिससे संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹338.5 तक पहुँच सकता है – यानी बैंड के उच्चतम स्तर से 3.8% प्रीमियम। कुछ स्रोत 4% प्रीमियम का भी हवाला देते हैं, पर दोनों ही अनुमान बाजार में सकारात्मक भावना को दर्शाते हैं।

आगे का टाइमलाइन और लिस्टिंग योजना

IPO के बाद शेयर अल्लोटमेंट की प्रक्रिया उपलब्ध होगी:

  1. 9 अक्टूबर, 2025 – अल्लोटमेंट अंतिम रूप से तय होगा।
  2. 10 अक्टूबर, 2025 – अनअलोटेड शेयरों की रिफंड प्रक्रिया शुरू, और अल्लॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में दाखिल होंगे।
  3. 13 अक्टूबर, 2025 – बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) एवं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्टिंग।

लिस्टिंग की तारीखें सभी प्रमुख मीडिया आउटलेट्स द्वारा पुष्टि की गई हैं, इसलिए निवेशकों को अब सिर्फ़ लिस्टिंग के दिन की प्रतीक्षा करनी है।

विश्लेषकों की राय और जोखिम संकेतक

वित्तीय विश्लेषकों ने दोहरा स्वर सुना है। एक ओर, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) और टाटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 26.58 करोड़ शेयर की ऑफर फॉर सेल (OFS) इस आईपीओ को मजबूती देती है। दूसरी ओर, इंडस्ट्री पीयर, जैसे बजाज फाइनेंस लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, के साथ P/B रेशियो 4.2‑4.3x को देखते हुए कई विश्लेषकों ने मूल्यांकन की अधिकता की चेतावनी दी है।

मुख्य जोखिमों में नॉन‑परफॉर्मिंग एसेट (NPA) प्राविज़न की संभावित वृद्धि तथा कंपनी के लोन मिक्स में बदलाव शामिल हैं। इन पहलुओं को देखते हुए कुछ बैंकरों ने कहा, "टाटा कैपिटल का बेसिक स्ट्रॉन्ग है, पर शुरुआती प्रीमियम में थोड़ा सावधानी बरतना चाहिए।"

मुख्य तथ्य

  • कुल उठाई गई राशि: ₹15,511.87 करोड़ ($1.86 बिलियन) – 2025 की सबसे बड़ी सार्वजनिक इश्यू।
  • फ्रेश इश्यू – 21 करोड़ शेयर; ऑफर फॉर सेल – 26.58 करोड़ शेयर।
  • मुख्य एँकर निवेशक: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (LIC) ने ₹4,642 करोड़ की बड़ाई रेंज में बुक किया।
  • ग्रे मार्केट प्रीमियम: ₹12.5 प्रति शेयर, संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹338.5।
  • लिस्टिंग की तिथि: 13 अक्टूबर, 2025 (BSE & NSE)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IPO की कुल सब्सक्रिप्शन दर क्या थी?

बिडिंग के दूसरे दिन (7 अक्टूबर) के मध्य में कुल सब्सक्रिप्शन 48% तक पहुंचा था, जबकि QIBs 52%, रिटेल निवेशकों ने 49%, और NII ने 41% सब्सक्राइब्ड किया।

ग्रे मार्केट प्रीमियम कितना है और इसका अर्थ क्या है?

GMP आज ₹12.5 प्रति शेयर पर स्थिर है, जिससे लिस्टिंग पर अनुमानित प्राइस ₹338.5 तक पहुंच सकता है, यानी इश्यू के ऊपरी बैंड से लगभग 3.8‑4% प्रीमियम।

कौन-कौन से प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने इस IPO में हिस्सा लिया?

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (LIC) ने एँकर निवेशक के तौर पर ₹4,642 करोड़ की बुकिंग की, साथ ही अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था IFC और टाटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर ऑफ़र फॉर सेल के रूप में 26.58 करोड़ शेयर बेचे।

लिस्टिंग के बाद शेयरों की संभावित कीमत क्या हो सकती है?

यदि ग्रे मार्केट प्रीमियम स्थिर रहता है, तो शेयरों का संभावित किट‑ऑफ़ प्राइस ₹338.5 होगा, जो बैंड के उच्चतम स्तर ₹326 से लगभग 3.8% अधिक है।

IPO का P/B रेशियो क्या दर्शाता है?

ऊपरी प्राइस बैंड पर ताटा कैपिटल का P/B रेशियो 4.2‑4.3x है, जो बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक जैसे समकक्षों के समान है, इसलिए मूल्यांकन की सुगमता के विचार से कुछ विश्लेषक सतर्क रह रहे हैं।

15 टिप्पणि

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    Purnima Nath

    अक्तूबर 8, 2025 AT 22:41

    ताजा खबर के लिए चलिए, इस IPO में आगे की संभावनाएं बहुत उज्ज्वल हैं!

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    Rahuk Kumar

    अक्तूबर 18, 2025 AT 04:54

    यदि हम डिस्ट्रीब्यूशन‑आधारित एसेट‑लीक्विडिटी विश्लेषण को लागू करें तो QIB की 52% सब्सक्रिप्शन को हेज फॉर्मूला में इंटीग्रेट करना आवश्यक हो जाता है, विशेषकर जब P/B रेशियो 4.2‑4.3x तक टॉप‑टियर बेंचमार्क से मेल खाता है, जिससे प्राइस‑सेंसिटिव प्रीमियम का अनुमान सटीक बनता है।

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    Deepak Kumar

    अक्तूबर 27, 2025 AT 10:07

    भाई, सब्सक्रिप्शन डेटा से पता चलता है कि रिटेल हिस्सेदारी मजबूत है, इसलिए शुरुआती ट्रेडिंग में ऑसिलेशन नहीं होगा।

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    Chaitanya Sharma

    नवंबर 5, 2025 AT 16:21

    आवंटन प्रक्रिया के लिए निवेशकों को याद दिलाता हूँ कि 9 अक्टूबर को सभी बिड्स फाइनल हो जाएंगे, उसके बाद 10 अक्टूबर को अनएलॉटेड शेयरों की रिफंड प्रक्रिया शुरू होगी और 13 अक्टूबर को लिस्टिंग होगी। यह टाइमलाइन ब्रोकरज़ को पहले से बता देना चाहिए ताकि किसी भी क्लीयरेंस में देरी न हो।

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    Riddhi Kalantre

    नवंबर 14, 2025 AT 22:34

    देश के सर्वोच्च वित्तीय संस्थानों के समर्थन को देखते हुए, इस IPO को राष्ट्रीय गर्व माना जाना चाहिए और सभी भारतीय निवेशकों को ज़रूर भाग लेना चाहिए।

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    Jyoti Kale

    नवंबर 24, 2025 AT 04:47

    इस तरह के ओवरसब्सक्राइब्ड एंप्लॉयी पोर्शन को देखते हुए, कंपनी की इंटर्नल वैल्यू को गलत समझना बड़ी ग़लती होगी; लेकिन साथ ही, प्रीमियम का अनुमान बहुत आशावादी है, इसे सावधानी से देखना चाहिए।

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    Ratna Az-Zahra

    दिसंबर 3, 2025 AT 11:01

    ज्यादातर निवेशकों को यह समझना होगा कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी स्थिर है, लेकिन अचानक स्पेकुलेशन से कीमतें अत्यधिक बढ़ सकती हैं; इसलिए जोखिम को हमेशा ध्यान में रखकर एंट्री करनी चाहिए।

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    Nayana Borgohain

    दिसंबर 12, 2025 AT 17:14

    💭 तो क्या आप सोचते हैं कि ये प्रीमियम वास्तव में स्थायी होगा? 🌟

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    Abhishek Saini

    दिसंबर 21, 2025 AT 23:27

    ज्यादातर लोग भूलते है कि अल्लोटमेंट सॉर्टिंग फेयर होनी चाहिये, इसलिए देखो सटीक टाइमिंग पर एंट्री करो।

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    Parveen Chhawniwala

    दिसंबर 31, 2025 AT 05:41

    सभी डेटा पॉइंट्स को मिलाकर देखें तो पता चलता है कि टाटा कैपिटल का ओपन इनवेस्टमेंट रेटिक्युलर है, इसलिए इस IPO को समझदारी से देखना चाहिए।

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    Saraswata Badmali

    जनवरी 9, 2026 AT 11:54

    पहले तो यह स्पष्ट है कि बाजार में इस IPO की चर्चा काफी हद तक हाइपरली परफॉर्मेंस की अपेक्षा पर आधारित है, जिसके पीछे कई कारक कार्यरत हैं। दूसरा, QIB सेक्शन में 52% सब्सक्रिप्शन दर्शाता है कि संस्थागत निवेशकों का विश्वास उच्चतम स्तर पर है, जो सामान्यतः प्रीमियम को सकारात्मक दिशा में धकेलता है। तीसरा, रिटेल सेक्शन की 49% सब्सक्रिप्शन कोई छोटा नहीं है; यह दर्शाता है कि मध्यम वर्ग के निवेशकों ने भी इस डील को आकर्षक माना है। चौथा, एंप्लॉयी पोर्शन का 147% ओवरसब्सक्रिप्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि आंतरिक भरोसा काफी मजबूत है, पर यह कभी-कभी शेयर के रेज़िडुअल वैल्यू को प्रभावित कर सकता है। पाँचवाँ, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी ₹12.5 पर स्थिर है, जिसका अर्थ यह है कि लिस्टिंग पर संभावित प्राइस ₹338.5 तक पहुँच सकता है, जो बैंड के शीर्ष स्तर से लगभग 3.8% अधिक है। छठा, इस प्राइस बैंड के भीतर P/B रेशियो 4.2‑4.3x का विश्लेषण दर्शाता है कि कंपनी की वैल्यूएशन उद्योग के समकक्षों के बराबर है, पर यह भी संकेत दे सकता है कि कुछ विश्लेषकों द्वारा मूल्य अधिक माना जा रहा है। सातवां, LIC जैसी बड़ी एंकर निवेशकों की भागीदारी निवेशकों को अतिरिक्त विश्वास देती है, क्योंकि ये संस्थान आमतौर पर जोखिमयुक्त डील में कम निवेश करते हैं। आठवां, ऑगमेंटेशन प्रक्रिया के बाद 10 अक्टूबर को अनएलॉटेड शेयरों का रिफंड और 13 अक्टूबर को लिस्टिंग का कैलेंडर स्पष्ट है, जिससे मार्केट में एक निश्चित टाइमलाइन बनती है। नौवां, जोखिम संकेतकों में NPA प्राविज़न की संभावित वृद्धि और लोन मिक्स में बदलाव शामिल हैं, जो निवेशकों को सतर्क रखता है। दसवां, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे IFC और टाटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड का ऑफर‑फॉर‑सेल (OFS) योगदान ड्राइविंग फंडिंग की ओर इशारा करता है। ग्यारहवां, इस IPO का आकार ₹15,511.87 करोड़ के साथ 2025 के सबसे बड़े इश्यू में से एक है, जो मार्केट में लिक्विडिटी को बढ़ा सकता है। बारहवां, इस सभी डेटा को मिलाकर देखते हुए, व्यक्तिगत निवेशकों को न केवल प्रीमियम की संभावना बल्कि संभावित जोखिमों को भी मापना चाहिए। तेरहवां, अंत में, यदि आप दीर्घकालिक निवेशक हैं तो इस IPO को अपने पोर्टफोलियो में एक स्थायी एसेट क्लास के रूप में देख सकते हैं, पर थॉर्टी ट्रेडिंग के लिए इसे सावधानी से निकटता से मॉनिटर करना बेहतर रहेगा।

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    sangita sharma

    जनवरी 18, 2026 AT 18:07

    मैं मानती हूँ कि हर निवेश को नैतिक जिम्मेदारी के साथ देखना चाहिए; इसलिए, इस IPO की संभावनाओं को समझते हुए हमें सामाजिक प्रभाव और वित्तीय स्थिरता दोनों को तौलना चाहिए।

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    PRAVIN PRAJAPAT

    जनवरी 28, 2026 AT 00:21

    वास्तव में, यह IPO इतना शानदार नहीं है जितना प्रचार में दिखाया गया है; आंकड़ों को देखो तो प्रीमियम की संभावना सीमित है, इसलिए सोच-समझकर आगे बढ़ो।

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    shirish patel

    फ़रवरी 6, 2026 AT 06:34

    ओह, फिर भी हर कोई इसको ड्रीम स्टॉक मान रहा है, मज़ाकिया बात है! 🙄

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    srinivasan selvaraj

    फ़रवरी 15, 2026 AT 12:47

    देखिए, जब हम इस IPO की व्यापकता को समझते हैं तो यह स्पष्ट हो जाता है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम के साथ-साथ बाजार की तरलता में अचानक एक विराम आ सकता है, और यह विराम निवेशकों को अस्थायी रूप से असुविधा में डाल सकता है। यह असुविधा अक्सर तब बढ़ती है जब बड़े संस्थागत निवेशक अपने पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने की कोशिश करते हैं, जो कि पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया है, पर इससे कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसके अलावा, यदि हम IPO के प्राइस बैंड को देखें तो यह तय करना आसान नहीं है कि कंपनी के मूल्यांकन में कितनी मार्जिनल लेयरें जोड़ी गई हैं; इसलिए, निहित जोखिम को कम करने के लिए निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफ़ाइल के हिसाब से निवेश करना चाहिए। इसमें एक बात और जोड़ते हुए, अगर आप अल्पकालिक लाभ की तलाश में हैं तो प्रीमियम की संभावनाओं को और अधिक विश्लेषण करने की जरूरत है, क्योंकि यह प्रीमियम न केवल डिमांड-साइड बल्कि मैक्रो इकोनॉमिक फ़ैक्टर्स से भी प्रभावित हो सकता है। अंत में, मेरे विचार में इस सबको संतुलित दृष्टिकोण से देखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा, ताकि आप संभावित लाभ और संभावित नुकसान दोनों को समान रूप से समझ सकें।

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