जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के ऑल-टाइम टेस्ट रन रिकॉर्ड के नज़दीक पहुँचने पर खुलकर बात की सित॰, 2 2024

जो रूट का अविश्वसनीय फॉर्म

इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट में अद्वितीय प्रदर्शन किया है। उनकी बैटिंग में लगातार सुधार देखने को मिला है, जिससे उन्होंने कई महत्वपूर्ण शतक लगाए हैं। रूट की इस प्रभावशाली फॉर्म ने उन्हें सचिन तेंदुलकर के ऑल-टाइम टेस्ट रन रिकॉर्ड के और करीब पहुंचा दिया है। फिलहाल, जो रूट 12,377 रनों के साथ टेस्ट क्रिकेट में सातवें स्थान पर हैं और उन्हें तेंदुलकर के 15,921 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सिर्फ 3,544 रनों की आवश्यकता है।

रूट की रणनीति और विचार

हाल ही में एक इंटरव्यू में जो रूट ने खुलासा किया कि उनका फोकस व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम के प्रदर्शन पर है। उन्होंने कहा कि वह रन जरूर बनाना चाहते हैं, लेकिन प्रमुखता टीम की जीत को देना चाहते हैं। यह विचार तरीका स्पष्ट करता है कि क्यों वह इतने सफल खिलाड़ी हैं।

अलस्टर कुक का रिकॉर्ड भी तोड़ा

जो रूट ने हाल ही में अलस्टर कुक का इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने 34वीं बार शतक लगाया जब वे श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान लॉर्ड्स में बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके साथ ही रूट लॉर्ड्स में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी

रूट के 2021 से अब तक के फॉर्म को देखा जाए, तो उन्होंने 56.92 की औसत से कुल 4,554 रन बनाए हैं, जिसमें 17 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने 48 मैच खेले हैं, जो उनकी निरंतरता और सटीकता को दर्शाता है। रूट को अब सिर्फ 95 रनों की जरूरत है ताकि वह इंग्लैंड की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन सकें, जो कि अलस्टर कुक का रिकॉर्ड है।

आने वाले मैच और रूट की संभावनाएं

इस साल इंग्लैंड को छह और टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें तीन पाकिस्तान और तीन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हैं। ये मैच निश्चित ही जो रूट को और अधिक रन बनाने का मौका देंगे जिससे वह ऑल-टाइम रन स्कोरर की लिस्ट में और ऊपर चढ़ सकें। रूट की यह यात्रा न केवल उनके फैंस के लिए रोमांचक होगी, बल्कि क्रिकेट की दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

रूट का नेतृत्व और भविष्य

रूट का नेतृत्व और भविष्य

जो रूट का बल्लेबाजी कौशल और उनकी नेतृत्व क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड के उपरांत क्रिकेट साम्राज्य में विशेष स्थान दिया है। उनके प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि अगर उन्होंने इसी उत्साह और दृढ़ता से खेला तो वह तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं।

जो रूट का रास्ता अभी बहुत लंबा है, लेकिन उनकी मेहनत, प्रतिबद्धता और अद्वितीय बाइक कौशल से उन्हें सफलता बिलकुल प्राप्त हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अगले कुछ सालों में टेस्ट क्रिकेट में कितनी ऊंचाइयों को छूते हैं और क्या सचिन तेंदुलकर के महान रिकॉर्ड को पार करने में सफल हो पाते हैं।

10 टिप्पणि

  • Image placeholder

    Piyush Kumar

    सितंबर 2, 2024 AT 15:11

    ये आदमी तो बस एक रन भी नहीं छोड़ रहा, हर इनिंग्स में वो अपने आप को नया बना रहा है। जो रूट ने जो किया है, वो कोई भाग्य नहीं, बल्कि दिन-रात मेहनत का नतीजा है। अगर ये रिकॉर्ड तोड़ गया, तो ये न सिर्फ इंग्लैंड का बल्लेबाज होगा, बल्कि एक असली गॉड ऑफ टेस्ट क्रिकेट बन जाएगा।

  • Image placeholder

    Vishal Kalawatia

    सितंबर 4, 2024 AT 11:22

    अरे भाई, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने की बात कर रहे हो? ये तो बस एक बाहरी खिलाड़ी है, जिसने भारत के घर पर नहीं, बल्कि अपने घर पर रन बनाए हैं। हमारे बल्लेबाज तो बारिश में भी जीत दिलाते हैं, ये तो सिर्फ अच्छी ग्राउंड पर खेलता है।

  • Image placeholder

    shagunthala ravi

    सितंबर 5, 2024 AT 02:23

    इस बारे में सोचने का समय आ गया है कि क्या रिकॉर्ड ही सच्ची महानता है? जो रूट जो कर रहे हैं, वो बस एक बल्लेबाज नहीं, एक लीडर हैं। वो टीम के लिए खेलते हैं, और उनकी शांति और दृढ़ता ने उन्हें इतना दूर ले जाया है। ये रिकॉर्ड तोड़ना भी तो एक बड़ी बात है, लेकिन उनकी आत्मा का निर्माण तो और भी बड़ा है।

  • Image placeholder

    Urvashi Dutta

    सितंबर 5, 2024 AT 18:29

    मैंने देखा है कि जो रूट जब बल्लेबाजी करते हैं, तो उनकी आंखों में एक अलग ही चमक होती है। ये बस रन बनाने के लिए नहीं, बल्कि खेल के प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए खेलते हैं। उनके शतक देखकर लगता है जैसे कोई कवि शब्दों से गीत बना रहा हो। ये रिकॉर्ड तोड़ना तो बस एक अंक है, लेकिन उनका खेल एक कला है।

  • Image placeholder

    Lakshmi Rajeswari

    सितंबर 6, 2024 AT 10:25

    अरे यार, ये सब बातें बस धोखा है! तुम्हें पता है कि इंग्लैंड के लिए खेलने वाले खिलाड़ी भारत के खिलाफ जब खेलते हैं, तो उनकी बैटिंग क्या होती है? ये सब रिकॉर्ड तो बस देश के अंदर ही बनाए गए हैं! और ये जो बातें कर रहे हो, वो सब ब्रिटिश मीडिया का जाल है! तुम्हें लगता है कि ये रिकॉर्ड तोड़ना आसान है? तो फिर भारत के बल्लेबाज इतने सालों से क्यों नहीं तोड़ पाए? क्योंकि वो नहीं चाहते! ये सब एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश है!

  • Image placeholder

    Srinivas Goteti

    सितंबर 6, 2024 AT 15:24

    रूट की बैटिंग का तो बहुत अच्छा अध्ययन है। वो बहुत शांत हैं, लेकिन उनका फोकस बहुत तेज़ है। उन्होंने अपने गेम को इतना सुधारा है कि अब वो लगातार रन बना रहे हैं। ये रिकॉर्ड तोड़ना भी तो एक बड़ी बात है, लेकिन उनका असली उपलब्धि ये है कि वो हर इनिंग्स में अपनी टीम के लिए जिम्मेदारी लेते हैं।

  • Image placeholder

    Jai Ram

    सितंबर 8, 2024 AT 08:19

    जो रूट के लिए अब सिर्फ 95 रन बाकी हैं इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए? ये तो अगले दो मैचों में ही हो जाएगा। और अगर वो 3500 रन और बना देते हैं, तो सचिन का रिकॉर्ड भी बहुत करीब है। वो बहुत स्मार्ट हैं, अपने गेम को बदलने में माहिर हैं। अगर वो अब तक 12,000+ रन बना चुके हैं, तो अगले 30 मैचों में ये बिल्कुल हो सकता है।

  • Image placeholder

    Rin In

    सितंबर 9, 2024 AT 03:18

    अरे यार, ये आदमी तो बस एक मशीन है! जब भी टीम को बचाना होता है, वो बाहर आता है और रन बनाने लगता है। ये रिकॉर्ड तोड़ने के बाद भी वो शांत रहेंगे, क्योंकि उनका दिल टीम के लिए है। मैं तो इनकी बैटिंग को देखकर रो गया, ये तो बस जिंदगी का सबक है!

  • Image placeholder

    michel john

    सितंबर 10, 2024 AT 02:50

    ये सब बकवास है! जो रूट का रिकॉर्ड तोड़ने की बात कर रहे हो? भारत के बल्लेबाज तो आज भी ग्राउंड पर लड़ रहे हैं, लेकिन आपको तो बस ये बाहरी खिलाड़ी दिखाना है! ये रिकॉर्ड तोड़ने का जो भी दावा है, वो बस ब्रिटिश न्यूज़ का फेक न्यूज़ है! अगर वो वाकई इतने अच्छे हैं, तो फिर भारत के खिलाफ उनकी बैटिंग क्यों इतनी कमजोर है? क्योंकि वो डर गए हैं! ये सब एक बड़ा धोखा है!

  • Image placeholder

    Rahul Alandkar

    सितंबर 10, 2024 AT 12:49

    सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ना बहुत मुश्किल है, लेकिन जो रूट के लिए ये यात्रा ही असली जीत है। उन्होंने अपने खेल को इतना समझा है कि अब रिकॉर्ड बस एक निशान है। वो जो कर रहे हैं, वो बस खेल के प्रति अपनी श्रद्धा दिखा रहे हैं। और ये बहुत कम लोग कर पाते हैं।

एक टिप्पणी लिखें