नव॰, 18 2024
नाइजीरिया यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों में नया मील का पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाइजीरिया यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाईयों तक पहुंचाया है। ग्यारह साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नाइजीरिया की यात्रा पर गए हैं। यह यात्रा न केवल रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण थी बल्कि इसमें मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा की, जो दोनों देशों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी।
रक्षा और प्रौद्योगिकी में गहरी साझेदारी
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू के साथ बैठक में रक्षा व प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई संभावनाओं पर विचार किया गया। भारत ने अपनी छोटी हथियारों की तकनीक साझा करने और रक्षा सहयोग के कई प्रस्ताव रखे। इस सहयोग से नाइजीरिया की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा
भारत और नाइजीरिया के बीच स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में भी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। भारतीय औषधि उद्योग को नाइजीरिया में विस्तारित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई, जिससे नाइजीरिया में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों राष्ट्र मिलकर काम करने को तैयार हैं जिससे छात्रों की नवीनतम तकनीकों से शिक्षा और रोजगार की संभावनाएं बेहतर होंगी।
ऊर्जा और निवेश
फ्यूल और ऊर्जा के सेक्टर में दोनों देशों ने अनुभव साझा करने का निर्णय लिया। नाइजीरिया की बड़ी ऊर्जा खोज संभावनाओं और भारत की ऊर्जा आवश्यकता के मध्य सिंबायोसिस बनाना दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा। निवेश के क्षेत्रों में अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों ने समझौते किए, जिसने व्यापार और द्विपक्षीय निवेश की संभावनाओं को उजागर किया।
संस्कृति और मानवता
वैश्विक स्तर पर भारत और नाइजीरिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने 20 टन मानवीय सहायता देने का वचन दिया, जो नाइजीरिया के बाढ़ राहत कार्यों में सहायक होगी। यह कदम भारत की मानवतावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
सम्मान और सराहना
प्रधानमंत्री मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत के उच्चतम नेतृत्व को नाइजीरिया द्वारा प्रदर्शित विनीतता का प्रतीक है। पीएम मोदी ने इस सम्मान को अपनी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और इसे दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती का संकेतक माना।
भविष्य की ओर बढ़ते संबंध
अपने नाइजीरिया प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात की, जिन्होंने नाइजीरिया के समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत और नाइजीरिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाई और भविष्य में सहयोग के लिए प्रेरित किया। नाइजीरिया यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील के लिए रवाना हुए, जहाँ उन्होंने 19वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यह बैठक वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य में भारत की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच थी।
प्रधानमंत्री की यात्रा का अगला चरण गयाना था, जो 50 वर्षों में एक भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। वहाँ भी उन्होंने संतुलित विकास और द्विपक्षीय समझौतों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस सभी यात्राओं ने न केवल भारत के वैश्विक साझेदारियों को मजबूत किया बल्कि भारतीय कूटनीति को नए आयाम दिये।
DIVYA JAGADISH
नवंबर 19, 2024 AT 23:07Jai Ram
नवंबर 20, 2024 AT 00:58मैंने देखा कि नाइजीरियाई छात्र भारतीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल स्वास्थ्य ट्रेनिंग ले रहे हैं। ये छोटे कदम ही बड़े बदलाव लाते हैं।
और हाँ, 20 टन मानवीय सहायता का वादा बस एक बयान नहीं, एक वास्तविकता है। जिस तरह से भारत ने श्रीलंका और अफगानिस्तान के साथ काम किया, वैसे ही यहां भी किया।
हमारी दवाओं की कीमतें और गुणवत्ता ने नाइजीरिया के स्वास्थ्य सिस्टम को बचाया है।
कोई भी बताए, अफ्रीका के साथ भारत का संबंध कभी उपनिवेशवाद नहीं, हमेशा साझेदारी रहा है।
अब जी20 के बाद गयाना जाना भी बहुत समझदारी भरा कदम था।
हमारी दूरदर्शिता अब दुनिया भर में दिख रही है।
Vishal Kalawatia
नवंबर 21, 2024 AT 21:41Kirandeep Bhullar
नवंबर 23, 2024 AT 00:46Rinku Kumar
नवंबर 23, 2024 AT 02:28अब तो ये दुनिया के सामने दिख गया कि भारत का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग है।
जी20 में भी हमने दिखाया कि देश बड़े होते हैं तो उनकी जिम्मेदारी भी बड़ी होती है।
किसी को लगता है ये सिर्फ राजनीति है? नहीं भाई, ये तो इतिहास की रचना है।
Nikita Patel
नवंबर 23, 2024 AT 22:46हमने कभी अफ्रीका को अपना आधार बनाया नहीं, बल्कि उसे अपना साथी बनाया।
जब भारतीय डॉक्टर नाइजीरिया के गांवों में जाते हैं, तो वो नहीं कहते 'हम तुम्हें बचा रहे हैं', वो कहते हैं 'हम साथ हैं'।
ये बदलाव बहुत बड़ा है।
abhishek arora
नवंबर 24, 2024 AT 03:39Kamal Kaur
नवंबर 24, 2024 AT 17:56वो डॉक्टर ने कहा - मैंने कभी नहीं सोचा था कि अफ्रीका में मेरा नमस्ते कोई गाने लगेगा।
ये तो दिल छू लेने वाली बात है।
हम जो कर रहे हैं, वो बस राजनीति नहीं, इंसानियत है। ❤️
Ajay Rock
नवंबर 24, 2024 AT 21:15मैंने एक नाइजीरियाई ट्विटर पर पढ़ा - 'भारतीय लोग हमारे बाजार में दवाएं बेचते हैं, लेकिन हमारे बच्चों के लिए कोई शिक्षा नहीं बनाते।'
अब तो बात बदल गई।
Lakshmi Rajeswari
नवंबर 26, 2024 AT 15:15Piyush Kumar
नवंबर 27, 2024 AT 17:24हमने अपने आप को एक ऐसे देश के रूप में पहचाना जो दुनिया को देने को तैयार है - न कि लेने को।
हमने देखा कि एक देश जो अपने आप को बचाने के लिए लड़ता है, वो दूसरे देश को बचाने के लिए आता है।
ये तो वो भारत है जिसकी हम सपने देखते हैं।
अगर ये नहीं दिखता तो तुम अपने आप को देखो।
हम बाहर जाकर अपनी पहचान ढूंढ रहे हैं - और वो पहचान इंसानियत है।
Srinivas Goteti
नवंबर 28, 2024 AT 00:47Rin In
नवंबर 28, 2024 AT 21:48और ये 20 टन सहायता? वो तो बस एक फोटो शूट के लिए था! असल में तो 5 टन ही गए होंगे! 😂
भारत के लिए ये बस एक बड़ा PR गेम है। और ये सब बस चुनाव के लिए है। 🇮🇳💥
michel john
नवंबर 29, 2024 AT 21:37shagunthala ravi
नवंबर 29, 2024 AT 22:52जब हम दवाएं भेजते हैं, तो हम देते हैं - जब हम शिक्षा देते हैं, तो हम देते हैं - जब हम सहायता देते हैं, तो हम देते हैं।
हमने कभी कुछ लेने का इरादा नहीं रखा।
ये तो वास्तविक शक्ति है।
Urvashi Dutta
नवंबर 30, 2024 AT 21:55वो नाटक अंग्रेजी में नहीं, योरुबा में था।
और जब बच्चे ने भारतीय गीत गाया, तो पूरा गांव रो पड़ा।
ये बस एक नाटक नहीं था - ये एक जीवन बदलने का तरीका था।
भारत की संस्कृति अब नाइजीरिया की जड़ों में घुल रही है।
हम जो देते हैं, वो चीजें नहीं हैं - वो अहसास हैं।
हम देते हैं - नहीं बेचते।
ये तो एक नया इतिहास है।
Rahul Alandkar
दिसंबर 2, 2024 AT 18:03Neha Kulkarni
दिसंबर 3, 2024 AT 20:22भारत ने अफ्रीका के साथ एक साझा भविष्य की रचना की है - जिसमें कोई नियंत्रण नहीं, बल्कि सहभागिता है।
हमने नाइजीरिया को अपना बाजार नहीं, बल्कि एक साथी बनाया है।
हमने उनकी ऊर्जा को अपनी ऊर्जा बना लिया है।
ये तो एक नई दुनिया का आरंभ है - जहां शक्ति का अर्थ बल नहीं, बल्कि विश्वास है।
abhinav anand
दिसंबर 4, 2024 AT 06:15Amal Kiran
दिसंबर 4, 2024 AT 07:51Piyush Kumar
दिसंबर 5, 2024 AT 00:35हम नाइजीरिया को बचाने नहीं गए - हम अपने आप को बचाने गए।
हम देख रहे हैं कि हम कौन हैं।
और जब हम देख लेते हैं - तो दुनिया भी देख लेती है।