तमकोसी बस हादसा: मृतक संख्या बढ़ी 12, 8 घायल मई, 17 2026

एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने बागमती प्रदेश में फिर से शोक की लहर छोड़ दी है। जब अरणिको यातायात की एक पैसेंजर बस तमकोसी नदी में गिरी, तो मौतों का आंकड़ा बढ़कर 12 हो गया है और 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा मंगलवार सुबह लगभग 10:45 बजे रामेछाप जिला, विशेष रूप से मानथली नगरपालिका-6 के त्रिवेणी घाट के पास हुआ।

यह कोई साधारण सड़क हादसा नहीं था; यह उन खतरनाक पहाड़ी रास्तों की कहानी है जो हर साल दर्जनों जानें लेते रहते हैं। बस कातमांडू से ओखलढुंगा जा रही थी, लेकिन रास्ते में वह नियंत्रण से बाहर होकर करीब 50 मीटर नीचे नदी में जा गिरी। बस पूरी तरह डूब गई, जिससे बचाव कार्य को भारी चुनौती का सामना करना पड़ा।

हादसे के विवरण और समयरेखा

बस, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 'प्रान्त 3-01-005 खा 9975' है, कातमांडू के जादियबुटी क्षेत्र से निकली थी। उसका गंतव्य ओखलढुंगा का पोखाली या पोल्थाली था, जो कि धोबी और मानथली से होते हुए जाता है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बस सुबह 11 बजे के आसपास मानथली नगरपालिका के वार्ड 6 में स्थित मासानेतार या लिलाउटी के पास से रास्ता भटक गई।

शुरुआती रिपोर्ट्स में मौतों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव दल काम करते गए, तस्वीयर बदलती गई। राजन प्रसाद तिम्सिना, जो कि पुलिस निरीक्षक हैं, ने पहले कहा था कि पांच शव बरामद हुए थे, जिनमें बस के मालिक का भी शामिल था। हालांकि, बाद में जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा जारी अपडेट में कहा गया कि कुल 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें से कुछ लोगों की मौत सीधे हादसे के स्थल पर हुई, जबकि अन्य की इलाज के दौरान अस्पतालों में हो गई।

बचाव अभियान और अधिकारियों की भूमिका

नदी में बस के डूब जाने के कारण बचाव टीमों के लिए काम बेहद मुश्किल था। शैलेन्द्र थापा, डीएसपी (सहायक प्रवक्ता) नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF), ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद APF और डिजास्टर मैनेजमेंट बेस खुरकोट की एक संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। इस टीम में 10 डाइवर्स शामिल थे, जिन्होंने नदी में बंद फंसे लोगों को ढूंढने का प्रयास किया।

अबिनारायण कफ्ले, डीआईजी और नेपाल पुलिस के केंद्रीय प्रवक्ता, ने जानकारी दी कि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि 8 घायलों में से 7 को धुलिखेल अस्पताल रेफर किया गया, जबकि एक को बेहोशी की हालत में किसी अन्य चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया। बस का ड्राइवर भी घायलों में शामिल है और उसे मानथली में ही इलाज चल रहा है।

रामेछाप के मुख्य जिला अधिकारी श्याम कृष्ण थापा ने पुष्टि की कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को धुलिखेल और कातमांडू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मानथली अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केशव धामी ने बताया कि 12 मृतकों में से 10 की पहचान कर ली गई है।

मुद्दे और जांच की दिशा

हादसे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है। क्या यह ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ? या फिर ड्राइवर की लापरवाही? स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस रास्ते पर बारिश के बाद मिट्टी का क्षरण और खराब रोशनी भी हादसे का कारण बन सकती है।

यह मामला नेपाल की सड़क सुरक्षा की चौकसी की जरूरत को फिर से उजागर करता है। पिछले वर्षों में भी ऐसे कई हादसे हुए हैं जहां बसें नदियों में गिर गईं हैं। भोला भट्टा, डीएसपी, ने कहा कि बस के डूब जाने से बचाव कार्य में काफी देरी हुई, जिससे मौतों की संख्या बढ़ी।

भविष्य के लिए चेतावनी

इस हादसे के बाद, परिवहन प्राधिकरण को सख्त कार्रवाई करने की उम्मीद है। यात्री अब अपनी सुरक्षा के लिए अधिक सचेत हैं। सरकार को चाहिए कि वह पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा उपायों को तेज करे और ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर नज़र रखे। यह केवल एक आंकड़ा नहीं है; यह 12 परिवारों का टूटा हुआ सपना है।

Frequently Asked Questions

क्या बस का ड्राइवर भी घायलों में शामिल है?

हाँ, रिपोर्ट्स के अनुसार बस का ड्राइवर भी 8 घायलों में शामिल है। उसे मानथली स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य गंभीर घायलों को धुलिखेल और कातमांडू रेफर किया गया है।

हादसे का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?

अभी तक हादसे का ठीक-ठीक कारण नहीं बताया गया है। पुलिस ने जांच शुरू की है। संभावित कारणों में ब्रेक फेल होना, ड्राइवर की लापरवाही, या खराब सड़क स्थिति शामिल हो सकती है। बस कातमांडू से ओखलढुंगा जा रही थी।

बचाव कार्य में कौन-कौन शामिल था?

बचाव दल में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF), और खुरकोट स्थित आपदा प्रबंधन बेस के डाइवर्स शामिल थे। स्थानीय निवासियों ने भी घायलों को बाहर निकालने और उन्हें अस्पतालों तक पहुँचाने में मदद की।

घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?

घायलों को खुरकोट डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, मानथली अस्पताल, और धुलिखेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ गंभीर मामलों को कातमांडू के अस्पतालों में रेफर किया गया है ताकि बेहतर उपचार मिल सके।

बस किस मार्ग पर सफर कर रही थी?

बस कातमांडू के जादियबुटी क्षेत्र से निकलकर ओखलढुंगा के पोखाली या पोल्थाली जा रही थी। इसका मार्ग धोबी और मानथली से होकर गुजरता था, जहाँ रामेछाप जिले में तमकोसी नदी के किनारे हादसा हुआ।