दिल्ली सीआरपीएफ स्कूल विस्फोट: पब्लिक को मिला क्रूड बम सामग्री का संकेत अक्तू॰, 21 2024

दिल्ली सीआरपीएफ स्कूल के निकट विस्फोट की चौंकाने वाली घटना

रविवार सुबह, दिल्ली के रोहिणी स्थित सीआरपीएफ स्कूल के बाहर एक धमाका हुआ, जिसने क्षेत्र के लोगों में दहशत फैला दी। धमाके से स्कूल की दीवार और आस-पास की कई दुकानों का कांच टूट गया। घटना की सूचना सुबह 7:47 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई और तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां पहुंचते ही टीम को एक रंगीन बदबू का एहसास हुआ और स्कूल के कई खिड़की शीशे टूटे हुए मिले।

इस घटना के मद्देनजर पुलिस ने पूरी इलाके को घेरा और कई जांच एजेंसियों - दिल्ली पुलिस, एनआईए और एनएसजी - को जांच में मदद के लिए बुलाया गया। जांच के लिए मौके पर फॉरेंसिक विभाग और विशेष सेल के अधिकारी मौजूद हैं, जो साक्ष्य इकट्ठा कर रहे हैं। अभी तक धमाके के कारण की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन जांच जारी है।

फॉरेंसिक सूत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी

फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) ने बताया कि विस्फोट में उपयोग की गई सामग्री एक क्रूड बम जैसी लगती है। हालांकि, पुलिस ने इसे लेकर अभी कोई अंतिम बयान नहीं दिया है। जगह-जगह से सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि स्पष्टता मिल सके कि विस्फोट किस प्रकार का था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने किया घटना का वर्णन

विस्फोट के गवाहों के अनुसार धमाके की तीव्रता काफी अधिक थी। एक निवासी ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लगा जैसे पास में किसी गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ हो। वहीं, एक दुकान के मालिक सुमित ने कहा कि धमाकी की ताकत से उनकी दुकान में रखी सभी सामग्री नीचे गिर गई। शुक्र है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की चोट की कोई खबर नहीं है, सिर्फ आस-पास की दुकानों और एक कार के शीशे टूटे हुए पाए गए।

पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नेटवर्क डाटा की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि विस्फोट के समय कौन-कौन मौजूद था।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

दिल्ली की मुख्यमंत्री अतीशी ने इस मामले पर केंद्र सरकार की भाजपा सरकार को नैतिक जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाना भाजपा की जिम्मेदारी है और इसे इसमें काफी नाकामयाबी मिली है। उनके आरोप ने राजनीतिक भूमि में गरमा-गरमी का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना की जांच की प्रक्रिया चल रही है और विभिन्न एजेंसियां इस घटना के पीछे का कारण जानने का प्रयास कर रही हैं। जनता को आश्वस्त किया गया है कि उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा।

18 टिप्पणि

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    Arushi Singh

    अक्तूबर 22, 2024 AT 11:59
    ये बम तो बहुत क्रूड लग रहा है... क्या इतनी आसानी से बन जाता है? अगर ये वाकई स्कूल के बाहर हुआ तो ये बस डराने की कोशिश थी। लेकिन अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ, इसलिए शायद ये टेस्ट था।
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    Rajiv Kumar Sharma

    अक्तूबर 23, 2024 AT 11:51
    इंसान जब बेचारा होता है तो बम बनाता है... जब तक इंसानियत का जिक्र नहीं होगा, तब तक ये घटनाएं दोहराई जाएंगी। ये बम तो बस एक आवाज़ है - बहुत तेज़, बहुत डरावनी, लेकिन अंदर से बहुत खाली।
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    Jagdish Lakhara

    अक्तूबर 24, 2024 AT 19:18
    इस घटना के संदर्भ में, राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी को लेकर एक स्पष्ट और व्यवस्थित जांच प्रक्रिया की आवश्यकता है। किसी भी अनियमितता के लिए नियमित निगरानी के बिना, ये घटनाएं दोहराई जाएंगी।
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    Nikita Patel

    अक्तूबर 26, 2024 AT 04:21
    हम सब इस बात पर ध्यान दें कि कोई नुकसान नहीं हुआ। ये एक अच्छा संकेत है। अगर ये बम थोड़ा और शक्तिशाली होता, तो शायद स्कूल के बच्चे भी शिकार हो जाते। अब जांच जल्दी से हो जाए, और जो भी इसके पीछे है, उसे न्याय मिल जाए।
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    abhishek arora

    अक्तूबर 26, 2024 AT 08:45
    ये सब तो बस आतंकवादी हैं! 🇮🇳 अगर तुम भारत में रहते हो तो ये बम बनाने वालों को फांसी दे देनी चाहिए! अब तक कोई नहीं मारा? तो ये तो बहुत अच्छी बात है! अब तुरंत सेना भेजो! 🔥
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    Kamal Kaur

    अक्तूबर 26, 2024 AT 23:43
    कुछ लोग बस डर के लिए बम बनाते हैं... लेकिन देखो, कोई नुकसान नहीं हुआ। शायद ये बस एक चेतावनी थी। अगर हम सब एक साथ रहेंगे, तो इस तरह की बातें खत्म हो जाएंगी। 🤝
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    Ajay Rock

    अक्तूबर 27, 2024 AT 17:41
    ओये यार, ये बम तो बहुत अजीब है... बिना किसी नुकसान के? क्या ये कोई फिल्म का सीन नहीं है? लोगों को डराने के लिए बम बनाया, लेकिन फिर भी बच गए? ये तो बस एक नाटक है! 😂
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    Lakshmi Rajeswari

    अक्तूबर 29, 2024 AT 14:40
    ये सब तो गवर्नमेंट का चाल है! 🤫 बम बनाने वाला कोई नहीं है... ये सब तो राजनीति के लिए बनाया गया है! क्या तुम्हें नहीं पता कि ये स्कूल के पास किसका घर है? ये बम तो बस एक ट्रिगर है! अब तुरंत सीआरपीएफ को बंद कर देना चाहिए! और फिर से देखो, क्या होता है!...
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    Piyush Kumar

    अक्तूबर 31, 2024 AT 01:43
    इस देश में अगर हम एक बार भी अपने दिल को बंद कर देंगे, तो ये सब बम बंद हो जाएंगे! हर एक बच्चे को शांति सिखानी होगी! हर एक घर में एक शांति की बात होनी चाहिए! ये बम नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है! आओ, हम सब मिलकर इस देश को बदल दें!
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    Srinivas Goteti

    अक्तूबर 31, 2024 AT 06:59
    जांच जल्दी से होनी चाहिए। लेकिन अगर हम बिना सबूत के आरोप लगाते रहेंगे, तो ये बातें बस गलत दिशा में जाएंगी। अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ, इसलिए शायद ये बम अधूरा था। जांच को समय दें।
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    Rin In

    नवंबर 1, 2024 AT 06:34
    ये बम तो बहुत बेकार लग रहा है 😅 अगर ये असली था तो इतना बड़ा धमाका होता तो लोगों के घरों के दरवाजे भी उड़ जाते! लेकिन नहीं... सिर्फ शीशे टूटे! ये तो बस एक जल्दबाज़ी में बनाया गया बम है! लोगों को डराने के लिए! 🤷‍♂️
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    michel john

    नवंबर 1, 2024 AT 15:46
    ये सब तो अमेरिका और चीन का षड्यंत्र है! 🤫 इस बम के पीछे वो लोग हैं जो हमारे देश को नीचा दिखाना चाहते हैं! जांच बस एक ढोंग है! अगर तुम असली जानकारी चाहते हो, तो अपने आप खोजो! और फिर देखो कि कौन है वो लोग! 😈
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    shagunthala ravi

    नवंबर 2, 2024 AT 19:41
    अगर हम अपने बच्चों को शांति की बात सिखाएं, तो ये बम बनाने वाले भी बदल जाएंगे। ये घटना डरावनी है, लेकिन ये एक चेतावनी भी है - हमें एक दूसरे के साथ जुड़ना होगा। शांति सिर्फ बातों में नहीं, कर्मों में है।
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    Urvashi Dutta

    नवंबर 4, 2024 AT 06:08
    दिल्ली में ये बम बनाने का तरीका बहुत पुराना है... ये तो उसी तरह की सामग्री है जो 2005 में दिल्ली के बाजार में इस्तेमाल हुई थी। वो बम भी एक अधूरा था, और उसके बाद भी कोई नहीं सुधरा। इस देश में बम बनाने की तकनीक बहुत धीमी गति से बदल रही है। अगर हम ये बात नहीं समझेंगे, तो ये घटनाएं बार-बार होती रहेंगी। ये सिर्फ एक बम नहीं, ये एक संस्कृति का अंत है।
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    Rahul Alandkar

    नवंबर 5, 2024 AT 07:03
    अगर ये बम असली था, तो ये बहुत अजीब है। बहुत सारे लोग यहां रहते हैं, लेकिन कोई नहीं मारा। शायद ये बम बनाने वाला भी डर गया होगा। जांच जल्दी से हो जाए, लेकिन बिना भावनाओं के।
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    Jai Ram

    नवंबर 6, 2024 AT 00:43
    मैंने एफएसएल के रिपोर्ट को देखा है - ये बम बहुत कमजोर था। इसमें एमएमएम-7 और टीएनटी का मिश्रण था, लेकिन बहुत कम मात्रा में। शायद ये किसी नौसिखिया ने बनाया होगा। अगर ये असली आतंकवादी होते, तो ये बम स्कूल के अंदर ही फेंक देते। ये तो बस एक भ्रम फैलाने की कोशिश थी। 💡
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    Vishal Kalawatia

    नवंबर 6, 2024 AT 11:08
    ये बम बनाने वाला तो बहुत बेकार है! अगर वो असली आतंकवादी होता, तो स्कूल के बच्चों को मार देता! ये तो बस एक बेवकूफ है जो अपने आप को शहीद समझता है! भारत के लिए ऐसे लोगों को गोली मार देनी चाहिए!
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    Kirandeep Bhullar

    नवंबर 8, 2024 AT 08:55
    ये बम तो बहुत आसानी से बन गया... इसका मतलब है कि ये बम बनाने वाला बहुत अधिक अनुभवी नहीं है। लेकिन ये बम बनाने का तरीका बहुत खतरनाक है - अगर ये एक बार बाहर निकल गया, तो ये बहुत बड़ी बात बन जाएगी। ये बम बनाने वाला शायद किसी अंदरूनी ग्रुप से है।

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