झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया अग॰, 19 2024

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बारे में पिछले कुछ दिनों से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा था कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। परंतु इन अटकलों को खुद चंपई सोरेन ने सिरे से खारिज कर दिया है। वर्तमान में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार में मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि वे वहीं हैं जहां पहले थे और उन्हें इस प्रकार की खबरों का कोई ज्ञान नहीं है।

जब चंपई सोरेन से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं वही हूं जहां पहले था। मुझे नहीं पता कि मेरे बारे में क्या क्या खबरें फैलाई जा रही हैं।' असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, जो भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी भी हैं, ने भी इन खबरों की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि चंपई सोरेन उनके या पार्टी के संपर्क में नहीं हैं।

चंपई सोरेन ने इसी साल 2 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जब हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उन्होंने 3 जुलाई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र में, चंपई सोरेन ने जेएमएम नेतृत्व के प्रति अपनी असंतुष्टि व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी की कार्रवाई से उन्हें अपमानित और अपतृप्ति महसूस हुई है। उन्होंने अपने एक्स प्रोफाइल से जेएमएम को भी हटा दिया है।

फिलहाल, चंपई सोरेन दिल्ली में हैं जहां उनके गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की संभावना है। चुनाव से पहले चंपई सोरेन की असंतुष्टि जेएमएम के लिए राजनीतिक अभिराम का संकेत है। भाजपा इस स्थिति का पूरा लाभ उठाने की तैयारी में है, और कई स्रोतों के अनुसार चंपई सोरेन के पार्टी में शामिल होने को लेकर चर्चा चल रही है।

यदि चंपई सोरेन भाजपा में शामिल होते हैं तो यह झारखंड की राजनीतिक परिदृश्य को काफी प्रभावित कर सकता है, खासकर कोल्हान क्षेत्र में जहां चंपई सोरेन का प्रभाव काफी माना जाता है। भाजपा इस परिस्थिति को जेएमएम के खिलाफ अपने पक्ष में मोड़ने की पूरी कोशिश कर रही है।

चंपई सोरेन का असंतोष जेएमएम के लिए चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। जेएमएम के कार्यकर्ता और समर्थक इस मुद्दे पर गहरी नजर बनाए हुए हैं। वहीं, भाजपा और चंपई सोरेन के बीच संभावित गठजोड़ झारखंड के राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम में हेमंत सोरेन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हेमंत सोरेन पर लगे आरोप और उनकी गिरफ्तारी ने पार्टी को हिला दिया है। इससे जेएमएम के भीतर एक वैचारिक संकट भी उभरा है, जहां कुछ नेता पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हो सकते हैं।

झारखंड की राजनीति में आए इन बदलाओं को लेकर जनता के मन में भी कई सवाल उठ रहे हैं। खासकर चंपई सोरेन के पास जिनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत है और यदि उनका भाजपा में शामिल होना निश्चित हो जाता है, तो यह जेएमएम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

अब देखना यह होगा कि चंपई सोरेन की इस प्रतिक्रिया का झारखंड विधानसभा चुनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है और पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष की वजह से जेएमएम कैसे उबरता है।

12 टिप्पणि

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    Rin In

    अगस्त 19, 2024 AT 22:57

    अरे भाई ये सब अटकलें क्यों चल रही हैं?! चंपई सोरेन ने खुद कह दिया कि वो वहीं हैं जहां पहले थे... फिर भी लोग भाजपा में शामिल होने की खबरें फैला रहे हैं?! 😒🤯

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    Jai Ram

    अगस्त 20, 2024 AT 18:08

    इस बारे में असली बात ये है कि जेएमएम के अंदर अब तो बहुत तनाव है। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद से पार्टी का आत्मविश्वास डगमगा रहा है। चंपई सोरेन का असंतोष बस इसका एक लक्षण है। अगर भाजपा इसे सही तरीके से इस्तेमाल कर ले, तो झारखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। 🤔

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    Vishal Kalawatia

    अगस्त 20, 2024 AT 20:45

    अरे ये लोग तो हमेशा ऐसे ही रहते हैं! जब तक भाजपा के साथ नहीं जुड़ते, तब तक उनका कोई भी नेता काम नहीं करता! चंपई सोरेन अगर असली लोकतंत्रवादी हैं तो भाजपा में आ जाएं, नहीं तो बस अपने घर बैठे रहें! जेएमएम तो अब बस एक रिक्त स्थान है! 🇮🇳🔥

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    Kirandeep Bhullar

    अगस्त 21, 2024 AT 16:23

    ये सब राजनीतिक असंतोष का एक दर्पण है। जब एक व्यक्ति अपनी पार्टी से जुड़े नाम को हटा देता है, तो वह न केवल एक संगठन से अलग हो रहा है, बल्कि एक पहचान से भी अलग हो रहा है। चंपई सोरेन का एक्स प्रोफाइल से जेएमएम हटाना एक दर्दनाक अभियान है - ये बाहरी निशान हैं जो भीतर के टूटने को दर्शाते हैं। 🌀

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    DIVYA JAGADISH

    अगस्त 23, 2024 AT 09:03

    चंपई सोरेन ने खुद कह दिया है कि वो वहीं हैं। बाकी सब अटकलें हैं।

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    Amal Kiran

    अगस्त 24, 2024 AT 16:12

    अरे ये सब बकवास क्यों चल रही है? जेएमएम तो अब बस एक नाम है। चंपई सोरेन अगर भाजपा में जाना चाहते हैं तो जाएं, और अगर नहीं तो चुप रहें! ये सब बहसें बस लोगों को भ्रमित कर रही हैं।

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    abhinav anand

    अगस्त 24, 2024 AT 21:14

    अगर चंपई सोरेन भाजपा में जाते हैं तो उनके लिए ये नया अवसर हो सकता है, लेकिन जेएमएम के लिए ये एक बड़ा नुकसान होगा। लेकिन अगर वो नहीं जाते, तो भी उनकी असंतुष्टि जेएमएम के भीतर बदलाव की आवाज बन जाएगी। शायद ये सब एक नए दौर की शुरुआत है।

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    Rinku Kumar

    अगस्त 25, 2024 AT 18:32

    अरे भाई, ये सब राजनीति का नाटक है! चंपई सोरेन को भाजपा में शामिल होने का दबाव तो बहुत बड़ा है... लेकिन वो अभी तक अपने नाम को एक्स पर हटाने तक नहीं भूले! 😏 ये तो अब एक बड़ा नाटक बन गया है। क्या भाजपा को इतना डर है कि वो एक आदमी को अपने पास लाने के लिए इतना नाटक कर रही है?!

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    Pramod Lodha

    अगस्त 26, 2024 AT 17:41

    चंपई सोरेन की असंतुष्टि का सच ये है कि जेएमएम अब बस एक परिवार नहीं रहा, बल्कि एक ब्यूरोक्रेटिक मशीन बन गया है। जब नेता अपनी पार्टी के नाम को अपने प्रोफाइल से हटा देते हैं, तो ये बताता है कि उनका आत्मसमर्पण खत्म हो गया है। अगर भाजपा उन्हें सच्चे अवसर देती है - न केवल एक टिकट बल्कि एक आवाज - तो ये एक बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है।

    लेकिन अगर भाजपा भी उन्हें बस एक नाम के लिए इस्तेमाल करना चाहती है, तो ये बस एक और असफलता होगी। चंपई सोरेन के लिए ये सिर्फ एक पार्टी बदलने का सवाल नहीं है - ये अपनी पहचान बचाने का सवाल है।

    मुझे लगता है कि उनका दिल अभी भी झारखंड के गांवों में है, न कि दिल्ली के ऑफिसों में। अगर भाजपा वास्तविक बदलाव लाना चाहती है, तो उन्हें अपनी जड़ों के साथ जोड़ना होगा - न कि उन्हें एक नए नाम के लिए खरीदना।

    हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ने जेएमएम के भीतर एक गहरा विश्वास का अंतर छोड़ दिया है। अब जो लोग भी बचे हैं, वो अपने आप को एक नए नेतृत्व के लिए तलाश रहे हैं। चंपई सोरेन वो नेता हैं जिन्हें लोग अभी भी याद करते हैं - और ये बहुत कम है।

    ये सिर्फ एक नेता का बदलाव नहीं है - ये एक आंदोलन की शुरुआत हो सकती है। अगर भाजपा सच में झारखंड को बदलना चाहती है, तो उसे चंपई सोरेन के साथ आने के लिए अपनी नीतियों को भी बदलना होगा।

    लोग अब बस नाम नहीं देख रहे हैं - वो वादों और विश्वास को देख रहे हैं। अगर भाजपा वास्तविक बदलाव नहीं ला सकती, तो चंपई सोरेन का भी जाना बेकार होगा।

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    Neha Kulkarni

    अगस्त 27, 2024 AT 09:03

    इस घटनाक्रम में एक गहरा वैचारिक अपकेंद्रण निहित है - जहां पार्टी की रचना अब व्यक्तिगत अनुभवों के बजाय राजनीतिक लाभ के आधार पर निर्धारित हो रही है। चंपई सोरेन का एक्स प्रोफाइल से जेएमएम हटाना एक सांस्कृतिक अपमान का संकेत है, जो व्यक्तिगत विश्वास के बजाय संगठनात्मक लालच के बारे में बात करता है।

    यह एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अंतिम बिंदु है, जहां व्यक्ति अपनी पहचान के अंतर्निहित तत्वों को छोड़ देता है। यदि भाजपा इस अवसर को उठाती है, तो उसे अपने राजनीतिक निर्माण में एक नए सामाजिक बंधन की आवश्यकता होगी - न कि एक नए नेता की आवश्यकता।

    जेएमएम का आत्मविश्वास तब टूटा जब उन्होंने अपने नेताओं को अपने नाम के बजाय अपने नीतिगत विश्वासों के लिए बलिदान करने को कहा। चंपई सोरेन की असंतुष्टि एक सामाजिक विद्रोह है, जिसे राजनीति के अर्थशास्त्र में नहीं, बल्कि मानवीय अनुभवों के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।

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    Sini Balachandran

    अगस्त 28, 2024 AT 17:49

    क्या वाकई हम राजनीति में व्यक्ति के अस्तित्व को भूल गए हैं? जब एक नेता अपनी पहचान को हटा देता है, तो क्या यह निर्णय उसकी आत्मा की आवाज है? या फिर यह सिर्फ एक रणनीतिक चाल है जिसे हम बहुत गहराई से नहीं देख पा रहे हैं?

    हम तो सब बाहर की बातें देख रहे हैं - ट्वीट, इंटरव्यू, भाजपा के संपर्क - लेकिन क्या हमने कभी उस आदमी के बारे में सोचा है जो अपने नाम को अपने प्रोफाइल से हटा रहा है? शायद वो बस एक आदमी है जिसे अपने जीवन की एक अलग दिशा चाहिए।

    हम राजनीति को एक खेल के रूप में देखते हैं, लेकिन शायद ये सिर्फ एक बड़ा दर्द है - जिसे हम नहीं समझ पा रहे।

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    Rin In

    अगस्त 28, 2024 AT 23:49

    अरे ये लोग तो बस एक नेता के नाम के लिए अटकलें लगा रहे हैं... लेकिन चंपई सोरेन का वो एक्स प्रोफाइल हटाना तो बहुत बड़ी बात है! वो तो अपने आप को एक नई शुरुआत के लिए तैयार कर रहे हैं।

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