फ्रांस हवाईअड्डे पर टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी: जानिए पूरा मामला अग॰, 25 2024

टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी: जानिए घटनाक्रम

टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी की खबर ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। फ्रांस के Le Bourget हवाईअड्डे पर हुए इस घटना के बारे में जो डेटा प्राप्त हुई है, उसके अनुसार ड्यूरोव को शनिवार शाम उनकी निजी जेट से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया गया। वह अज़रबैजान से एक उड़ान के बाद पेरिस पहुंचे थे।

इस गिरफ्तारी का आधार एक फ्रांसीसी गिरफ्तारी वारंट था, जो फ्रांस के राष्ट्रीय धोखाधड़ी विरोधी कार्यालय (National Anti-Fraud Office) के जांचकर्ताओं द्वारा जारी किया गया था। फ्रांसीसी कस्टम विभाग के अंतर्गत आने वाला यह कार्यालय ड्यूरोव पर उनपर लगाए गए समुचित मॉडरेशन और डेटा गोपनीयता के आरोपों के चलते कार्रवाई कर रहा था।

क्यों हुई गिरफ्तारी?

ड्यूरोव पर आरोप है कि वो अधिकारियों के साथ सहयोग करने में विफल रहे, खासकर उनके एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन, टेलीग्राम की मॉडरेशन नीतियों पर। इस ऐप पर कई बार गैरकानूनी गतिविधियों को सरल बनाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय और पुलिस ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है और सभी प्रश्नों को पेरिस के प्रॉक्यूर्टर कार्यालय को संदर्भित कर दिया है। प्रॉक्यूर्टर कार्यालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है क्योंकि यह मामला अभी जांच अधीन है।

ड्यूरोव का नागरिकता और स्थान

ड्यूरोव के पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात दोनों देशों की नागरिकता है और वे दुबई में आधारित हैं। शनिवार की घटना के बाद उन्हें रविवार को कोर्ट में पेश होना था।

रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनका पेरिस स्थित दूतावास इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है।

टेलीग्राम पर बढ़ती जांच

ड्यूरोव की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण घटना है जो टेलीग्राम पर यूरोपीय अधिकारियों द्वारा लगाए जा रहे उद्धरणों को दर्शाती है। टेलीग्राम, जो केवल एन्क्रिप्टेड चर्चाओं के माध्यम से कई उपयोगकर्ताओं का प्रिय ऐप बन चुका है, अब डेटा गोपनीयता और कंटेंट मॉडरेशन नीतियों पर सवालों के घेरे में है।

फ्रांस ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में कई अन्य देशों की सरकारें भी इस अनुप्रयोग के उपयोग पर बढ़ती चिंताओं के बीच कड़ी निगरानी रख रही हैं। डेटा गोपनीयता और सुरक्षा मुद्दे वैश्विक रूप से दिल्लीजारी की जा रही हैं, जिसमें इस प्रकार की कारवाई को अक्सर प्रमुख बनते देखा गया है।

टेलीग्राम का प्रतिक्रिया

ड्यूरोव की गिरफ्तारी पर अभी टेलीग्राम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी से कंपनी और उसके अन्य उच्चाधिकारियों पर बढ़ी हुई जांच का प्रभाव पड़ सकता है।

टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स पर कड़ी निगरानी रखें जाने की उम्मीद की जा रही है ताकि गैरकानूनी गतिविधियों को रोका जा सके और डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दों को सही ढंग से संबोधित किया जा सके।

यह घटना डिजिटल उपकरणों और अनुप्रयोगों की मानी जाने वाली स्वतंत्रता और गोपनीयता बनाम सुरक्षा और कानूनी अनुपालन की बातचीत को और बढ़ाती है। पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी का आगे का परिणाम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। इसका निर्णय निश्चित रूप से टेलीग्राम और उसकी नीतियों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

8 टिप्पणि

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    Vishal Kalawatia

    अगस्त 26, 2024 AT 05:22
    ये सब फ्रांस का झूठ है। टेलीग्राम तो सिर्फ एंक्रिप्शन देता है, अगर तुम्हारे पास डीप वेब पर गैंगस्टर बैठे हैं तो उनकी गिरफ्तारी का श्रेय टेलीग्राम को नहीं देना चाहिए। भारत में तो अभी तक टेलीग्राम पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया, फिर ये फ्रांस क्यों घुस रहा है?
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    Kirandeep Bhullar

    अगस्त 27, 2024 AT 19:00
    ये जो ड्यूरोव है, वो रूसी है लेकिन फ्रांस का पासपोर्ट भी रखता है... ये दोहरी नागरिकता वाले लोग ही सबसे ज्यादा भ्रष्ट होते हैं। एक तरफ डेटा प्राइवेसी का नारा लगाते हैं, दूसरी तरफ अपने सर्वर रूस और डबई में रखते हैं। ये तो डिजिटल कॉलोनियलिज्म का नया रूप है। तुम जो कहते हो वो तुम्हारे देश में नहीं, दूसरे देश में होता है। ये बहाना बनाने का तरीका है।
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    DIVYA JAGADISH

    अगस्त 28, 2024 AT 14:36
    अगर टेलीग्राम पर कुछ गलत हो रहा है तो उसे रोकने के लिए सरकारों को एक साथ काम करना चाहिए। गिरफ्तारी नहीं, सहयोग चाहिए।
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    Amal Kiran

    अगस्त 29, 2024 AT 02:14
    इतना बड़ा मामला और फ्रांस कोई बयान नहीं दे रहा? ये तो बस दिखावा है। फिर भी ये लोग अपनी नाक में दम करके लोगों को डराते हैं।
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    abhinav anand

    अगस्त 30, 2024 AT 08:29
    मुझे लगता है ये सब एक बड़ी बातचीत का हिस्सा है। डिजिटल फ्रीडम और सुरक्षा के बीच का तनाव अब बहुत गहरा हो चुका है। शायद इस गिरफ्तारी से कुछ सुधार हो सकते हैं।
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    Rinku Kumar

    सितंबर 1, 2024 AT 06:09
    ओहो! एक ऐप के सीईओ को गिरफ्तार करने के लिए फ्रांस ने एक जेट प्लेन का इंतजाम किया? वाह! ये तो ब्रेकिंग न्यूज़ है ना? अब तो टेलीग्राम को भी एक बार एन्क्रिप्शन बंद करके दिखाना चाहिए। नहीं तो फ्रांस अगली बार एक बार आपके फोन को भी जांच लेगा।
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    Pramod Lodha

    सितंबर 1, 2024 AT 21:24
    हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि टेलीग्राम ने दुनिया भर में लाखों लोगों को सुरक्षित संचार का मौका दिया है। अगर अब इसे नीचे दबाया जाएगा तो अगला लक्ष्य कौन होगा? हम सब इस लड़ाई के हिस्से हैं।
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    Neha Kulkarni

    सितंबर 2, 2024 AT 19:03
    डेटा गोपनीयता एक बेसिक राइट है, लेकिन इसके साथ एक एक्सप्लिसिट लीगल फ्रेमवर्क भी जरूरी है। जब एक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म गैर-कानूनी कंटेंट के लिए एक डिजिटल हैवन बन जाता है, तो ये एक सिस्टमिक फेलियर है। गिरफ्तारी एक सिंप्लिस्टिक रिस्पॉन्स है, लेकिन ये दर्शाता है कि रेगुलेशन का अभाव है। हमें एक न्यू डिजिटल सोशल कॉन्ट्रैक्ट की जरूरत है।

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